Tuesday, March 10, 2015

Khush rahne ko jaroori hai pyar

खुश रहने को जरूरी है प्यार

किसी भी संबंध मं खुशी का एहसास तभी समाहित हो सकता है, जब उसमें प्यार का समावेश हो। हमें अपने जीवनसाथी से अक्सर ही शिकायत रहती है। शायद ही कोई ऐसा पल होता हो, जो बिना किसी बहस के बीत जाये। अगर आप भी अपने साथी के साथ ऐसा ही व्यवहार करते हैं, तो इस आदत को अपने दिमाग की स्लेट से मिटा दें, फिर  देखिये कैसे आपके जीवन में खुशियां बसेरा करती हैं।

आज हरीश बहुत अच्छे मूड में था, सोच रहा था कि आज नेहा को शाॅपिंग पर ले जाउंगा बहुत दिन हो गये  मूवी देखे तो आज दोनों मूवी देखेंगे और डिनर करके वापस आयेंगे यही सब सोचकर उसने नेहा को फोन किया नेहा ने फोन उठाया और हरीश के यह बोलने पर कि आज  दोपहर में तैयार रहना मैं घर जल्दी आउंगा फिर हम शाॅपिंग पर जायेंगे और मूवी देखने के बाद डिनर करके ही वापस घर आयेंगे। हरीश का फोन सुनकर नेहा के मुंह से निकल गया कमाल है आज आपको मेरे लिए टाइम मिल गया। हैरानी की बात है आपके बाॅस ने आपको छुटृटी दे दी, वैसे तो जब कभी मैं बोलती हूं तो आपके पास टाइम नहीं होता है मेरे लिए। नेहा की बात सुनकर हरीश का अच्छा खासा मूड खराब हो गया हालांकि दोनों ने एकसाथ काफी समय बिताया लेकिन हरीश का मूड खराब ही रहा


नेहा की तरह बहुत साी पत्नियां ऐसी होती हैं, जो पति अगर उन्हें समय ना दे तो तानाकशी करती हैं और समय मिल भी गया तो अपनी जली-कटी बातों से उसे खराब करने से बाज नहीं आती हैं। सच तो यह है कि जब आप किसी से प्यार करते हैं तो यह मायने नहीं रखता है कि आपने अपने साथी के साथ कितना समय बिताया उस समय तो यही मायने रखता है कि आप दोनों ने जो भी समय बिताया वह कितना अच्छा बीता अगर आपने अपने समय को एकदूसरे से उलझने में ही बिता दिया तो फिर यह मानकर चलिए कि अगर आपका एटिटयूड यही रहेगा तो आप दोनों कभी भी खुश नहीं रह पायेंगे क्योंकि खुश रहने की पहली शर्त यह है कि आप अपने साथी की भावनाओं का ध्यान रखें कोई ऐसा काम ना करें, जिससे आपका साथी हर्ट हो।

एकदूसरे की भावनाओं का रखें ख्याल

खुशहाल जीवन के लिए यह बेहद जरूरी है कि आप दोनों एकदूसरी की भावनाओं की कद्र करें और एकदूसरे की पसंद ना पसंद का ध्यान रखें। यह सिर्फ पत्नी की ही जिम्मेदारी नहीं है पति के लिए भी यह बात उतना ही मायने रखती है जितना पत्नी के लिए। वैसे भी कहा जाता है कि पति-पत्नी का संबंध बेहद संवेदनशील होता है दोनों को एक गाड़ी के दो पहियों की तरह माना गया है, जिस तरह से अगर एक पहिये में हवा कम हो गयी या फिर वह पंक्चर हो गया तो गाड़ी का संतुलन बिगड़ जाता है ठीक उसी तरह से ही पति-पत्नी में से अगर एक भी अपने साथी की भावनाओं का ध्यान नहीं रख पा रहा है, तो फिर इस प्यार भरे संबंध में दरार आते देर नहीं लगती है।

जिम्मेदारियों का बंटवारा

आजकल पति-पत्नी दोनों ही वर्किंग हैं ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि जिस तरह से दोनों मिल-जुलकर आर्थिक जिम्मेदारियों को निबाहते हैं उसी तरह से घरेलू काम में भी एकदूसरे का साथ दें। अगर पत्नी वर्किंग ना भी हो तो भी घर में इतने काम होते हैं कि वह थक जाती है ऐसे में अगर आप उसकी थोड़ी सी मदद कर दें, तो उसके मन में आपके प्यार की डोर और ज्यादा मजबूत होगी। आमतौर पर लोगों की यह धारणा होती है कि घर का काम करने का जिम्मा सिर्फ औरत का है, तो यह कतई जरूरी नहीं है कि घर का सारा काम केवल पत्नी ही करे। अगर पत्नी खाना बना रही है, तो कम से कम आप अपने बच्चों का होमवर्क तो करवा ही सकते हैं। इसी तरह से बाजार से सब्जी लाने का जिम्मा या फिर कमरे में बिखरी चीजों को ठीक करना आदि जैसे छोटे-छोटे काम करके आप अपने संबंधों को प्रगाढ़ बना सकते हैं। आपकी ये छोटी-सी पहल आपकी पत्नी के मन में प्यार के साथ-साथ आपके प्रति सम्मान भी बनायेगी। यकीन मानिये इस बात पर अमल करके आप अपनी पत्नी के दिल के और ज्यादा करीब होते जायेंगे।

पसंद ना पसंद का रखें ध्यान

प्यार भरे संबंधों के लिए यह बेहद जरूरी है कि आप अपने साथी की पसंद ना पसंद का ध्यान रखें। अगर उसे आपकी कोई बात अच्छी नहीं लगती है, तो उसे बदलने की कोशिश करें। इसी तरह से इस बात का ख्याल रखें कि ऐसी कौन-सी बातें हैं, जिनके जिक्र मात्र से आपके जीवन-साथी के चेहरे पर मुस्कान छा जाती है और कौन-सी ऐसी बातें हैं जिनका जिक्र उसे पसंदनहीं हैं। इन सारी बातों के अलावा आपके साथी को क्या खाना पसंद है उसका पंसदीदा रंग कौन-सा है जैसी छोटी-छोटी बातें आप दोनों के प्यार को और बढ़ायेंगी।

एकदूसरे के परिवार का सम्मान

अगर आप यह चाहते हैं कि आपका साथी आपको प्यार करे और आपकी बात को मान दे, तो इसके लिए यह बेहद जरूरी है कि आप अपने जीवन-साथी से जुड़े सारे संबंधों को खुले दिल से स्वीकार करें उसके परिवार के सदस्यों का सम्मान करें। जब आप अपने जीवन-साथी के माता-पिता को अपने माता-पिता की तरह मान देंगे और उसके भाई-बहनों को अपने भाई बहन की तरह प्यार करेंगे, तो यकीनन आपके संबंधों में प्रगाढ़ता आयेगी।

छोटी-छोटी बातों पर ना टकरायें

यह सच है कि जहां प्यार होता है वहां टकराव भी होता है एक गाना भी है तुम रूठी रहो मैं मनाता रहूूं... थोड़ी बहुत नोंक-झोंक प्यार को बढ़ाती है, लेकिन जब यह जरूरत से ज्यादा बढ़ जाये तो फिर संबंधों में खटास आते देर नहीं लगती। इसलिए अपने जीवन-साथी के साथ बातचीत करते समय इस बात का ध्यान रखें की आप जो भी बात कहें उससे उनका ईगो ना हर्ट हो। एक बात और भी है जिस पर ध्यान देना जरूरी है वो यह कि अपनी बहस को झगड़े में ना बदलें अगर आप दोनों के बीच किसी बात को लेकर मनमुटाव हो भी गया हो, तो फिर उसे उसी दिन सुलझा लें कहने का मतलब यह है कि अपनी तकरार को लंबा ना खींचे, जितना जल्दी हो आपसी झगड़े को सुलझा लें।

विष्वास है बेहद जरूरी

पति-पत्नी के सबंध में एक सबसे महत्वपूर्ण बात है, जो दोनेां के संबध के बना भी देता है और बिगाड़ भी देता है वह है एकदूसरे पर भरोसा। सच तो यह है कि किसी भी संबंध को तभी अच्छी तरह से चलाया जा सकता है जब उसमें विश्वास हो बिना भरोसे के यह सबंध दिखावा मात्र रह जाता है। आज जब पति-पत्नी दोनों वर्किंग हैं दोनों काम पर जाते हैं ऐसे में उनके बीच एकदूसरे के कलीग्स को लेकर अनायास ही शक पैदा होने लगता हे। लेकिन अगर आप यह चाहते हैं कि आपका संबंध खुशियों भरा रहे इसके लिए यह जरूर है कि आप अपने साथी पर विश्वास करें।  सच तो यही है कि खुश रहने के लिए धन-दौलत की उतनी ज्यादा जरूरत नहीं होती है जितनी अपने साथी के साथ म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग और प्यार की। अपने जीवन साथी की छोटी-छोटी जरूरतों और खुशियों का ध्यान रखें और अपनी जिंदगी से सारे तनाव और फ्रस्टेशन को निकालकर सिर्फ अपने जीवन-साथी को प्यार करें और उसका तथा उससे जुड़ संबंधों का सम्मान करें फिर देखिये कैसे खुशियां आपके आंगन में हमेशा के लिए अपना घर बना लेंगी।

इन पर करें अमल


  • महत्वपूर्ण दिनों को याद रखें और उस पर अपने साथी को छोटा सा ही सही उपहार दें।
  • किसी दूसरे के सामने कभी भी अपने साथी के साथ बत्तमीजी से बात ना करें।
  • कभी-कभी एकदूसरे के साथ कहीं घूमने जायें
  • अगर आपके बच्चे हैं, तो उसका काम दोनों मिलजुलकर करें इससे ना केवल आप दोनों की जिम्मेदारियां बंटेंगी वरन बच्चे के साथ आप दोनों की बांडिंग भी बढ़ेगी।


No comments: