संयुक्त परिवारः खुशियों का संसार
वर्तमान में कामकाज के चलते या फिर यूं कहें कि आपसी मतभेद के चलते एकल परिवारों का चलन कम होता जा रहा है, लेकिन आज भी कुछ परिवार ऐसे हैं, जो साथ रहते हैं उनमें दादा-दादी, ताई-ताया, चाचा-चाची सभी हैं। सामान्य जन-जीवन में ही नहीं कई सिलेब्रिटी भी ऐसे हैं, जो संयुक्त परिवार में रहते हैं आइये जानें संयुक्त परिवार के फायदों की कहानी राजलक्ष्मी त्रिपाठी की जुबानी
दिल्ली के इंद्राविकास काॅलोनी में हरनाम चैधरी अपने दो बेटों पत्नी और मां के साथ रहते हैं इनके परिवार में इतनी एकता और प्यार है कि आस-पास के लोग भी उन्हें देखकर कहते हैं कि परिवार हो तो ऐसा उनकी बहुएं रश्मि और किरण दोनों घर के सारे काम मिलजुलकर करती हैं बड़ी बहु किरन के तीन और छोटी के दो बच्चे हैं बच्चे भी आपस में मिलजुल कर रहते हैं उनका अपना स्कूल है और प्राॅपर्टी का काम भी है। उनका बड़ा बेटा स्कूल का काम देखता है और छोटा बेटा नोएडा में इंजीनियर है वह दिल्ली से रोजाना नोएडा आनाजाना करता है, लेकिन कभी अलग रहने के लिए नहीं सोचता एक दिन उनकी छोटी बहू रश्मि से बात हुई तो बताने लगी भाभी जी संयुक्त परिवार में रहने में थोड़ी सी तकलीफ है तो फायदे बहुत ज्यादा हैं कहीं बाहर जाने पर आपको यह टेंशन नहीं रहती है कि बच्चे किसके पास रहेंगे।
इसी तरह से बद्रीनाथ के रहने वाले शिवमोहन डिमरी दिल्ली में माॅडल टाउन में संयुक्त परिवार में रहते हैं उनके तीन बेटे-बहुएं और पोते-पोती सभी साथ में रहते हैं उनके परिवार में चाहे बेटे हो या बहुएं आपस में बेहद प्यार और सौहार्द्र है उनके तीनों बेटे अच्छे पदों पर काम करते हैं एक बेटा पैरोडिकल साइंस से है दूसरा फोटो जर्नलिस्ट है और तीसरा एक अच्छी फर्म में सीए है।
आज जहां सभी लोग अलग-थलग अपनी दुनिया बसाना चाहते हैं वहां आज भी बहुत सारे लोग ऐसे हैं, जो संयुक्त परिवार में ही रहना चाहते हैं भले ही संयुक्त परिवार में कभी-कभार आपस में किसी बात को लेकर मतभेद हो जाये, लेकिन सच तो यह है कि यहां एकल परिवारों के मुकाबले हंसी-खुशी का माहौल ज्यादा रहता है इसका कारण है काम का और खर्चों का उचित बंटवारा।
आज जहां सभी लोग अलग-थलग अपनी दुनिया बसाना चाहते हैं वहां आज भी बहुत सारे लोग ऐसे हैं, जो संयुक्त परिवार में ही रहना चाहते हैं भले ही संयुक्त परिवार में कभी-कभार आपस में किसी बात को लेकर मतभेद हो जाये, लेकिन सच तो यह है कि यहां एकल परिवारों के मुकाबले हंसी-खुशी का माहौल ज्यादा रहता है इसका कारण है काम का और खर्चों का उचित बंटवारा।
टीवी सीरियलों और फिल्मों में है ज्वांइट फैमिली का बोलबाला
टीवी पर दिखाये जाने अधिकांश धारावाहिकों में ज्वांइट फैमिली को दिखाया गया है। क्योंकि सास भी कभी बहू थी, घर हो तो ऐसा, वो रहने वाली महलों की आदि समेत वर्तमान मंे स्टार प्लस पर आने वाला धारावाहिक साथ निभाना साथिया हो या फिर जंयती लाल की ज्वांइट फैमिली इन धारावाहिकों में संयुक्त परिवार के फायदों के बारे में बताया गया है कि किस तरह से एकसाथ रहने से सारी मुश्किलें चुटकियों में निबट जाती है। सिनेमा में भी संयुक्त परिवार को बखूबी भुनाया गया है। रेखा और राकेश रोशन अभिनीत फिल्म खूबसूरत में ज्वांइट फैमिली के संबंधों को बहुत ही बेहतरीन तरीके से दर्शाया गया है। यह पहले की सिर्फ पुरानी फिल्मों में ही नहीं है आजकल आने वाली फिल्मों में भी संयुक्त परिवार को दिखाया और उसके महत्व को दर्शाया जाता है। राजश्री प्रोडक्शन की तो अधिकांश फिल्में संयुक्त परिवार पर आधारित होत हैं हम आपके हैं कौन, हम साथ-साथ हैं आदि।
सेलिब्रिटीज भी रहते हैं ज्वांइट फैमिली में
ऐसा नहीं है कि सिर्फ आम आदमी ही संयुक्त परिवार में रहते हैं सेलिब्रिटीज भी ज्वांइट फैमिली में रहते हैं जब तक पृथ्वी राजकपूर और राजकपूर थे तब तक उनके तीनों बेटे और बहुएं साथ में रहते थे बाद में सब अलग हो गये वर्तमान में सलमान खान और धर्मेंद्र संयुक्त परिवार में रहते हैं इनके परिवार में जितनी युनिटी है शायद ही कहीं देखने को मिले।
क्या है संयुक्त परिवार के फायदे
- जिम्मेदारियों का बंटवारा
- बच्चों की परवरिश में आसानी संयुक्त परिवार में रहने वालों बच्चों में स्वभावतः शेयरिंग की भावना आती है तथा उनमें संस्कार और रिश्तों की परख न्यूक्लियर फैमिली के बच्चों से ज्यादा होती है।
- दुख-तकलीफ में एकदूसरे की मदद को कई हाथ तैयार रहते हैं।
- पति-पत्नी के रिश्ते बेहतर रहते हैं कारण मनमुटाव होने पर घर के बाहरी लोग समझा-बुझाकर उनका झगड़ा खत्म करवा देते हैं।
- कहीं बाहर जाना हो तो सेफ्टी के लिए नहीं सोचना पड़ता है।


1 comment:
sanyukta parivar ka mahtva dinodin kam hota ja raha hai iska karan logon ka naukaree kee vajah se ek se doosare shahar me shift hona hai.
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